बिजली सरप्लस राज्य में आंख मिचौली क्यों…? जनता हलाकान, जिम्मेदार मौन…? कोटमी सब स्टेशन बनने के दो दशक बाद भी नहीं सुधरी स्थिति, क्या अघोषित कटौती हो रही है…?

बिजली सरप्लस राज्य में आंख मिचौली क्यों…? जनता हलाकान, जिम्मेदार मौन…?
कोटमी सब स्टेशन बनने के दो दशक बाद भी नहीं सुधरी स्थिति, क्या अघोषित कटौती हो रही है…?
रायपुर:- छत्तीसगढ़ राज्य देश के उन राज्यों में शामिल है जहां बिजली का उत्पादन जरूरत से अधिक होता है। राज्य सरकार और बिजली विभाग अक्सर यह दावा करते हैं कि छत्तीसगढ़ बिजली सरप्लस राज्य है, फिर भी गर्मी और अब बरसात के मौसम में बिजली की आंख मिचौली ने आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
नगर के विभिन्न वार्डों में सोमवार को सुबह से लेकर देर रात तक बिजली बार-बार गुल होती रही। इससे सबसे ज्यादा परेशानी पेयजल व्यवस्था में आई। नगर पंचायत की मोटरें बार-बार बंद होती रहीं, जिससे पाइपलाइन में पानी का दबाव नहीं बन सका। नल कनेक्शन वाले घरों में दिनभर पानी की किल्लत रही। कई घरों में बच्चों और बुजुर्गों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ा।
90 के दशक की स्थिति अभी क्यों..?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिजली जाने की यह समस्या 90 के दशक में तो समझ में आती थी, जब ट्रांसमिशन व्यवस्था कमजोर थी। लेकिन वर्ष 2002 में कोटमी में सब स्टेशन बनने और उसके बाद भी अगर बिजली की यह आंख मिचौली जारी है, तो यह कहीं न कहीं सिस्टम की कमजोरी और प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करता है।
लोगों का आरोप है कि जैसे ही लोड बढ़ता है, विभाग जानबूझकर अलग-अलग क्षेत्रों में लाइन कट कर देता है, ताकि ट्रिपिंग न हो। वहीं, बरसात में लाइटनिंग और इंसुलेटर बस्ट होने का तर्क दिया जाता है, लेकिन सोमवार को न आंधी आई, न लाइटनिंग, फिर भी पूरे दिन बिजली का आना-जाना चलता रहा।
बिजली विभाग जवाब देने से बच रहा..?
जब बिजली जाने का कारण जानने के लिए नागरिकों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों से संपर्क करना चाहा, तो फोन नहीं उठाया गया। जिन अधिकारियों के नंबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं, उन्होंने भी फोन बिजी मोड में डाल रखा था। नागरिकों ने आरोप लगाया कि अधिकारी फोन रिसीव न कर जनता से कटे रहना ही आसान समझते हैं, ताकि उन्हें जवाबदेही से बचा जा सके।
जनता की मांग, स्थायी समाधान हो.?
बार-बार बिजली जाने से पंखे और कूलर बंद होने से बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को गर्मी में परेशानी होती है। इस मौसम में बिजली की कटौती किसानों के लिए भी चिंता का विषय है क्योंकि मोटर पंप नहीं चल पाने से पानी नहीं मिल पा रहा।
नगर के नागरिकों ने बिजली विभाग और शासन से मांग की है कि यदि तकनीकी समस्या है तो उसका स्थायी समाधान किया जाए और यदि अघोषित कटौती की जा रही है, तो इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। ताकि जनता को अनिश्चितता





